जीवन स्वर्ग जैसा होना चाहिए,उत्तम विचार,उत्तम चिंतन से मानसिक स्तर बढ़ता है।विचार के समन्वय से ही सुख की अनुभूति होती है।मेरे अनुसार सारी नकारात्मक ऊर्जाए क्षण भंगुर है,इनका वास्तविक कोई अस्तित्व नही।जरूरत है आत्मबल,आत्मविश्वास,आत्मनिरीक्षण की।